Front End Developer कैसे बने ?

इस Article में हम Web developer के Main Part Front End developer कैसे बने इसके बारे में जानेगे। यदि हम Web Development field की बात करे तो इसमें Job की Demand बहुत अधिक है और Developer की कमी है। इसलिए अगर Web development सीखना चाहते है तो ये आपके लिए एक सबसे अच्छा Career option साबित हो सकता है।  Web Development दो Part में बटी हुई है Front end development और Backend development | तो सबसे पहले Front End development को सीखना होता है। इसलिए हम इस Article में पूरी तरह से जानेगे Front End Developer कैसे बने ?

Front End Development क्या है ?

Front End developer का काम Web Design , Web Perform , Loading Speed , User – Interface , आदि को बनाना Maintain रखना होता है। Front end development में Client Side में दिख रहा सारा Material होता है। यानि जब भी हम किसी Website पे Visit करते है। तो हमारे Browser में वो कैसी दिख रही है , कैसे Load हो रही है , उसमे Button Function कहा है , ये सारे काम Front End Development में आता है।

Front End developer का काम

अब यहाँ पे और अच्छे से जानते है। Front End developer के कौन से Work होते है।

  1. Web pages का Structure बना और Design करना।
  2. Design User – friendly और Mobile – friendly बनना जिससे User को कोई परेशानी न हो।
  3. Re – Usable Code को पुन: अच्छे से Design करना।
  4. Website की Loading Speed अच्छी रखना।
  5. Web Design करने के लिए Markup Language की सभी Trick जानना।

Front End Developer कैसे बने ?

Front End developer बनने के लिए कोई भी Degree की आवश्यकता नहीं है। ऐसा नहीं है की आपके पास Degree है। तभी आप एक अच्छे Front End developer बन सकते है।इसके लिए आपकी English अच्छी होनी चाहिए और Mathematics की कुछ Knowledge होनी चाहिए। ये आपको पहले से आना चाहिए। अब बात करते है Front End developer बनाने के लिए क्या – क्या सीखना होगा।

Front End Developer बनने के लिए Skills

Front End Developer बनने के लिए Markup Language और Programing Language आनी चाहिए। आपको कौन – कौन सी Programing Language आनी चाहिए इसकी list नीचे दी गयी है।

  1. Front End Development के लिए HTML (Hyper Text Markup Language ) आना चाहिए।
  2. CSS की Knowledge होना चाहिए।
  3. Javascript की अच्छी Knowledge होना चाहिए।
  4. Framework Bootstrap की अच्छी Knowledge होना चाहिए।
  5. Front End Framework की Knowledge होना चाहिए।
  6. Responsive Design की Knowledge होना चाहिए।

HTML क्या है ?

HTML जिसका full Form Hyper Text Markup Language है। इसके द्वारा Website या Web Pages का Structure Create किया जाता है। Web Pages पे हम जो भी देखते है Text , Button , Video , Audio ये सब HTML के द्वारा बनाया जाता है। Internet पे मौजूद जितनी भी Website है। सभी में HTML का Use हुआ है। बिना HTML के किसी भी Website को नहीं बनाया जा सकता है। ये Web Pages की Foundation Language है।

HTML Language को सीखना आसान है क्युकी ये Programing नहीं Markup Language है। इसके Syntax भी काफी आसान है। इसमें सिर्फ Tags , Element और Attribute ही होते है।

CSS क्या है ?

CSS जिसका Full Form Cascading Style Sheet है। इससे Web Pages को Design किया जाता है। जैसे Text Color , Background Color , Button Design , Header Design , Menu Design ये सब CSS के द्वारा ही किया जाता है। CSS HTML के साथ मिलकर Use होती है।

CSS को सीखना काफी आसान है। इसके लिए पहले आपको HTML की Knowledge होना चाहिए अगर आपको HTML आता है। तो CSS काफी Easy सीख सकते है।

CSS Preprocessor क्या है ?

जब भी हमारी Basic CSS Complete हो जाये फिर Advance CSS की ओर Move करना चाहिए। जिसे CSS Preprocessor कहते है। इसमें SASS LESS POST CSS होते है। जो CSS को और अधिक गहराई से Use करने की Power देते है। इसके द्वारा CSS में ही कुछ Logic Build कर सकते है। जैसे – Variable , Nesting , Inheritance , Function आदि।

Javascript क्या है ?

Javascript एक Client Side Scripting Programing Language है। जिसके द्वारा Web Page में Function आदि Create कर सकते है। इसके अतिरिक्त Client Side में Run होने वाले Application भी Create कर सकते है। जैसे – Notification , Alert , Image Slider , Hide Show , Quiz App , Time Tracking , Date Display , Calculator program ये सब Javascript से कर सकते है।

Bootstrap क्या है ?

Bootstrap एक Javascript Framework है। जो Web Development को Fast और आसान बनता है। ये ऐसा Framework है। जिसमे HTML , CSS और Javascript Mix है। अगर Bootstrap की अच्छी Knowledge है। तो बहुत सारा Code हमें लिखना नहीं पड़ेगा। इसके अतिरिक्त Bootstrap का Use Responsive Web Design के लिए किया जाता है।

 

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